अध्याय :- 3 असंगत खुलासा

प्रेम का परिचय “संस्कृत! इस शताब्दी में संस्कृत कौन बोलता है?” L.S.D ने उत्तेजित होकर कहा| “तुम्हारा क्या मक़सद है?” “छुपाना और छुपे रहना|” ओम ने कहा| डॉ बत्रा को शाइना की बात हासीपद लगी, लेकिन वह चुप रहे|

अध्याय :- 2 अनिश्चित शुरुआत

अभी का परिचय “फरुख्शियर ने |” “तुम्हे और कोई याद है ?” “संजय|”