अध्याय :- 3 असंगत खुलासा
प्रेम का परिचय “संस्कृत! इस शताब्दी में संस्कृत कौन बोलता है?” L.S.D ने उत्तेजित होकर कहा| “तुम्हारा क्या मक़सद है?” “छुपाना और छुपे रहना|” ओम ने कहा| डॉ बत्रा को शाइना की बात हासीपद लगी, लेकिन वह चुप रहे|
अध्याय :- 2 अनिश्चित शुरुआत
अभी का परिचय “फरुख्शियर ने |” “तुम्हे और कोई याद है ?” “संजय|”
अध्याय :- 1 अज्ञात सफर
unexpectedstories.in यह गर्मियों के उन दुर्लभ दिनों में से एक था जब सूर्य का प्रकाश अपने अधिकतम सत्तर पर नहीं था नीला आसमान और सुबह की हवा तरोताज़ा कर देने वाली थी केवल एक हेलीकाप्टर की आवाज़ उस शान्तिमये वातावरण को भंग करने के लिए काफी थी इस उत्तम नज़ारे …
अध्याय-0.1 अजन्मे की स्मृति
Unexpectedstories.in साल 2041, कमरे में एक भयानक सन्नाटा था ऐसा लग रहा था जैसे सब कुछ रुक गया हो कमरों की शांत दीवारों के बीच का स्थान उनकी साँसों की आवाज़ से गूँज रहा था इससे पहले की श्रीमती बत्रा पृथ्वी से पूछ पाती की उसे क्या परेशान कर रहा …